सुनेत्रा पवार बन सकती हैं महाराष्ट्र की नई उपमुख्यमंत्री, NCP कोटे से नाम आगे
मुंबई
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार राज्य की डिप्टी सीएम बन सकती हैं. प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे ने सुनेत्रा से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक, सुनेत्रा को डिप्टी सीएम बनाए जाने का प्रस्ताव दिया जाएगा।
महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का बारामती में हुए विमान हादसे में निधन हो गया. वहीं अजीत पवार के निधन के बाद उपमुख्यमंत्री का पद खाली हो गया है, जिसके लिए नए नाम की चर्चा भी महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में शुरू हो गई है और चर्चा में सबसे पहला नाम अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार का है. अटकलें लगाई जा रही हैं कि सुनेत्रा पवार को फडणवीस सरकार में जगह मिल सकती है. आइए सुनेत्रा पवार के बारे में विस्तार से जानते हैं…
राजनीतिक परिवार में जन्मी, राजनीतिक परिवार की बहू
बता दें कि सुनेत्रा पवार पूर्व राज्य मंत्री और लोकसभा सांसद पद्मसिंह पाटिल की बेटी हैं और 1985 में उनकी शादी अजीत पवार से हुई थी. सुनेत्रा के 2 बेटे पार्थ और जय पवार हैं, लेकिन राजनीतिक परिवार में जन्मी और राजनीतिक परिवार की बहू होने के नाते सुनेत्रा पवार का राजनीति से खास कनेक्शन है और वह यह है कि सुनेत्रा अपने दिवंगत पति अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से महाराष्ट्र की राज्यसभा सांसद भी हैं. वे प्रफुल्ल पटेल के बाद साल 2024 में निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गई थीं.
लोकसभा चुनाव हारी थीं, राज्यसभा सांसद चुनी गई थीं
बता दें कि सुनेत्रा ने साल 2024 का लोकसभा चुनाव बारामती सीट से अपनी ननद सुप्रिया सुले के खिलाफ लड़ा था, जिसमें वे हार गई थीं. राजनेता होने के अलावा सुनेत्रा पवार बारामती टेक्सटाइल कंपनी की अध्यक्ष हैं. एनवायरनमेंटल फोरम ऑफ इंडिया (EFOI) की CEO हैं, जिसकी नींव उन्होंने ही साल 2010 में रखी थी. वे शरद पवार के मशहूर शिक्षण संस्थान ‘विद्या प्रतिष्ठान’ की ट्रस्ट भी हैं.
को-ऑपरेटिव बैंक मामले में आरोपी भी लगे थे सुनेत्रा पर
सुनेत्रा पवार साल 2017 से सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी में सीनेट की मेंबर भी हैं. साल 2011 से सुनेत्रा में विश्व उद्यमिता मंच की थिंक टैंक मेंबर भी हैं. सुनेत्रा को ग्रीन वॉरियर अवार्ड भी मिल चुका है. इतनी अचीवमेंट के बाद सुनेत्रा कानूनी पचड़ों में भी फंसी थीं. महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक मामले में सुनेत्रा पवार पर भी आरोप लगे थे, लेकिन आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी.
