भोपाल का स्लॉटर हाउस हमेशा के लिए बंद, 11 कर्मचारी सस्पेंड, ठेका मालिक ब्लैक लिस्टेड
भोपाल
गोवध मामले में नगर निगम के 32 करोड़ से बने स्लॉटर हाउस को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया। निगम शहर में पशु स्लॉटरिंग का इंतजाम नहीं करेगा। शहर के बाहर व्यवस्था करने की जिम्मेदारी प्रशासन के पाले में डाल दी। स्लॉटर हाउस में जानवरों की कटाई करने वाली लाइव स्टॉक प्रालि कंपनी व मालिक असलम कुरैशी को आजीवन ब्लैकलिस्ट किया गया है। निगम ने 11 कर्मियों को सस्पेंड किया है।
भोपाल नगर निगम की परिषद बैठक में जोरदार हंगामा हुआ. नगर निगम के स्लॉटर हाउस से गोमांस की सप्लाई के मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने बैठक में कड़ा विरोध जताया. इस मामले को लेकर परिषद में कांग्रेस पार्षद दल के सदस्य भी आक्रामक रहे और नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का घेराव किया. वहीं मामले से दुखी 2 भाजपा पार्षद परिषद की बैठक छोड़कर चले गए.
एक घंटे देरी से शुरू हुई बैठक
बता दें की गोमांस को लेकर पहले से ही हंगामा होना तय था. कांग्रेस पार्षदों ने पहले ही इसकी तैयारी कर ली थी. वहीं भाजपा के पार्षदों ने भी इस मामले में परिषद को घेरने की तैयारी की ली. एक दिन पहले गोमांस वाले मुद्दे को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने भी नगर निगम कार्यालय का घेराव किया था. महापौर और परिषद पर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई का भी दवाब था.
ऐसे में सबसे पहले स्लॉटर हाउस में पदस्थ वेटनरी डॉक्टर बेनी प्रसाद गौर को निलंबित कराया गया. इसके आदेश संभागायुक्त संजीव कुमार सिंह ने जारी किए. निलंबन का लेटर जारी होने के बाद करीब एक घंटे देरी से परिषद की बैठक शुरू हुई और सत्तापक्ष ने डॉक्टर के निलंबन की जानकारी दी.
11 नगर निगम के कर्मचारी होंगे निलंबित
परिषद बैठक शुरू होते ही दोनों पक्षो के पार्षद ने गोमांस मामले में उच्च स्तरीय कमेटी और आरोपितों पर कार्रवाई करने की मांग की. इस पर निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने सदन को कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा कि भोपाल को मांस की मंडी नहीं बनने देंगे. निगम अध्यक्ष ने आयुक्त को निर्देश दिया कि इस मामले में स्लाटर हाउस में कार्यरत नगर निगम के सभी 11 कर्मचारियों को निलंबित किया जाए.
इसके साथ ही स्लॉटर हाउस का संचालन करने वाली लाइव स्टॉक को ब्लैक लिस्टेड करने के निर्देश दिए. साथ ही यह भी कहा कि भविष्य में यह एजेंसी नगर निगम के किसी भी टेंडर में पार्टिसिपेट ना कर सके, यह भी सुनिश्चित किया जाए.
शासन स्तर पर होगी उच्च स्तरीय जांच
कांग्रेस पार्षद दल के सदस्यों ने कहा कि उन्हें नगर निगम की जांच कमेटी पर भरोसा नहीं है. इसलिए शासन स्तर पर एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी बनाई जाए. यदि नगर निगम के अधिकारी ही जांच कमेटी में शामिल होंगे तो निष्पक्ष जांच नहीं होगी. इसके बाद नगर निगम अध्यक्ष ने कहा कि परिषद की ओर से व्यवस्था दी जा रही है कि इस मामले की जांच नगर निगम के बाहर के शासन स्तर के अधिकारी करेंगे, इसका प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा.
भाजपा पार्षद का इस्तीफ़ा, अध्यक्ष ने किया अस्वीकार
नगर निगम परिषद की बैठक में कांग्रेस पार्षदों ने पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया और महापौर व एमआईसी के इस्तीफे की मांग की. भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव भी विरोध में जैकेट पर कागज चस्पा कर पहुंचे. भाजपा के वरिष्ठ पार्षदों समेत कई सदस्यों ने विरोध जताया. इस दौरान भावुक होकर भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने परिषद से इस्तीफ़ा देने की चेतावनी दी.
उनका कहना था कि जब तक गोमांस के मामले में शामिल सभी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती वह परिषद में वापस नहीं आएंगे. हलाकि बाद में भाजपा पार्षद उन्हें परिषद में लेकर आए और निगम अध्यक्ष ने उनका इस्तीफ़ा अस्वीकार कर दिया. परिषद से बहिर्गमन के दौरान भार्गव के साथ भाजपा पार्षद नीरज सिंह भी साथ रहे.
महापौर ने कहा- एमआईसी ने नहीं दी गोवंश काटने की अनुमति
महापौर मालती राय ने कहा कि स्लॉटर हाउस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए जा चुके हैं. विपक्ष द्वारा 2024 में एमआईसी के अनुमोदन पर भवन निर्माण और अनुमति को लेकर लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि उस समय न तो महापौर परिषद थी और न ही यह प्रक्रिया उनके कार्यकाल में शुरू हुई. महापौर परिषद ने स्लॉटर हाउस में गोवंश काटने की अनुमति नहीं दी थी. पीपीपी मोड पर बने टेंडर, प्रक्रिया, अधिकारियों की भूमिका और निगरानी से जुड़े सभी बिंदुओं की जांच होगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
भाजपा पार्षद ने दिया इस्तीफा
भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव, सुरेंद्र वाडीका, पप्पू विलासराव घाटगे ने एमआइसी पर मनमानी के आरोप लगाए। कहा, संगठन गोरक्षा मुद्दे पर राजनीति करता है, पर हमारी ही सरकार गो-रक्षा नहीं कर सकी। पार्षद देवेंद्र ने पद से इस्तीफा दिया और चले गए। अध्यक्ष ने इस्तीफा स्वीकार नहीं किया।
यह है मामला
जिंसी स्थित स्लॉटर हाउस से भैंस के मांस की आड़ में गोमांस सप्लाई किया जा रहा था। दिसंबर में पुलिस ने मुंबई भेजे जा रहे मांस की बड़ी खेप से सैंपल लिए तो गोमांस की पुष्टि हुई। इसके बाद स्लॉटर हाउस की ठेका कंपनी लाइव स्टॉक और मालिक कुरैशी पर कार्रवाई हुई।
इन पर हुई कार्रवाई
अब्दुल खान, रहमान खान, मोहम्मद खान, फरीद खान, राजा खान, सलीम, वसीम खान, युसूफ खान, अब्दुल हकीम, मो. रफीक।
