केजीएमयू में धर्मांतरण की नर्सरी का खुलासा, जूनियर के निशाने पर दो हिंदू छात्राएं

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आगरा
केजीएमयू में यौन शोषण और धर्मांतरण की कोशिश में पकड़ा गया डॉक्टर रमीज यहां काजी और मौलानाओं के साथ मिलकर धर्मांतरण की नर्सरी तैयार कर रहा था। एजेंसियों की जांच में इसका खुलासा हुआ। फिलहाल निशाने पर चार लड़कियों के होने की बात पता चली है। उसने खुद आगरा की महिला डॉक्टर का धर्मांतरण कराकर निकाह किया और दूसरी के साथ प्रयास। इसके साथ ही उसने अपने एक अन्य जूनियर को इसके लिए तैयार कर लिया था। जूनियर के निशाने पर दो हिंदू लड़कियां थी। पुलिस और एजेंसियों की जांच में रमीज की करतूतों की परत दर परत खुल रही है।

इसके अलावा रमीज से जुड़े कई अन्य रेजीडेंट डॉक्टर और मेडिकल स्टॉफ हिंदू महिला डॉक्टर और कर्मचारियों को निशाने पर लिए थे। रमीज पर मुकदमा दर्ज होने और उसकी गिरफ्तारी के बाद सब अंडरग्राउंड हो गए। कई चुप्पी साथ गए और मामला तूल पकड़ता देख लड़कियों ने भी उन मुस्लिम लड़कियों से दूरियां बना ली। हालांकि रमीज से जुड़े कई लोग एजेंसियों की रडार पर हैं। इसके साथ ही रमीज के आगरा नेटवर्क के बारे में तमाम अहम जानकारियां पुलिस और एजेंसियों के अफसरों को मिली हैं।

रमीज ने आगरा एसएनएमसी कॉलेज से वर्ष 2012 बैच में एमबीबीएस करने के दौरान ही धर्मांतरण गिरोह का तानाबाना बुनना शुरू कर दिया था। यहां से ही वह मौलानाओं और काजियों के संपर्क में आ गया। इसके बाद धर्मांतरण की नींव डाली। मौलानाओं के जरिए ही वह बाद में बस्ती मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टरों से जुड़ा।

इसके बाद वहां भी मौलानओं और काजियों ग्रुप हॉस्टल में पहुंचने लगा था। बैचमेट अन्य मुस्लिम लड़कों का ब्रेनवाश कराता था। इसके बाद जब उसका दाखिला लखनऊ मेडिकल कॉलेज में हुआ तो यहां भी उसने धर्मांतरण की नर्सरी तैयार करनी शुरू कर दी थी। मौलानाओं और काजियों को यहां के हॉस्टल में भी बुलाता था। बैचमेट और जूनियरों की उनसे मुलाकात कराता उनके साथ बैठके करता था। मकसद सिर्फ एक हिंदू लड़कियों को टारगेट करना था।
इस्लामिक मेडिकोज ग्रुप का ब्योरा खंगाल रहीं एजेंसियां

जांच में लगी एजेंसियां 13 साल पहले आगरा एसएनएमसी में बनाए गए इस्लामिक मेडिकोज से जुड़े लोगों का ब्योरा जुटा रही है। इस ग्रुप की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। पूर्व में इस संगठन ने कहां बैठके की? उन बैठकों का मकसद क्या था? कितने लोग बैठकों मे शामिल होते थे? कौन-कौन लोग आते थे? इन सब बातों का ब्योरा जुटा रही हैं। साक्ष्य मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर रमीज के खातों से हुआ लाखों का लेनदेन, ब्योरा खंगाल रही एजेंसियां

जेल भेजे गए डॉ. रमीज के बैंक खातों से उसकी फरारी के दौरान भी लाखों रुपये का लेनदेन हुआ। यह खुलासा पुलिस की तफ्तीश में हुआ। बताया जा रहा है कि पांच से सात लाख रुपये रमीज ने इस दौरान पश्चिमी यूपी से जुड़े एक व्यक्ति को भी भेजे थे। पुलिस और एजेंसियां अब इस दिशा में जांच कर रही हैं कि यह रुपये रमीज ने क्यों भेजे थे? साक्ष्य मिलने पर पुलिस अब उसके खिलाफ भी कार्रवाई करेगी।

23 दिसंबर को चौक कोतवाली में डॉक्टर रमीज के खिलाफ खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, गर्भपात कराने, धमकी देने, धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 2021 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद एनबीडब्ल्यू जारी होते ही वह फरार हो गया था। फरारी के दौरान दिल्ली, उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी समेत कई स्थानों पर होटलों और परिचितों के यहां रहा था।

इस दौरान उसके खाते में लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन हुए थे। तफ्तीश में पता चला है कि रमीज ने एक मोटा अमाउंट करीब पांच से सात लाख रुपये पश्चिमी यूपी से जुड़े एक बैंक खाते में भेजे थे। एजेंसियों ने यह तो पता लगा लिया है कि यह रुपये किसे भेजे गए? अब इसकी जानकारी जुटा रही हैं कि क्यों भेजे गए? जल्द ही खाता धारक से इस संबंध में पूछताछ की जाएगी।
रमीज से जुड़े लोगों के बैंक खातों की पड़ताल

पुलिस और एजेंसियों ने डॉक्टर रमीज और गिरोह जुड़े लोगों की फंडिंग के बारे में भी जांच शुरू कर दी है। फंडिंग उन्हें कहीं विदेशों से तो नहीं हुई। पुलिस और एजेंसियां रमीज के अलावा उसके करीबियों, रिश्तेदारों, माता-पिता और धर्मांतरण में फरार काजी जाहित व उसके साथी के बैंक खाते खंगाल रही हैं। उनके आर्थिक लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। इस संबंध में पुलिस ने कई बैंकों को उक्त लोगों की डिटेल दी है।

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