मेरठ महिला हत्या केस: इलाके में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात, अतुल प्रधान को जाने से रोका

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मेरठ
यूपी के मेरठ के सरधना क्षेत्र के कपसाढ़ गांव में तनाव चरम पर है। रूबी की मां की हत्या के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से साफ मना कर दिया है। गांव में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया है। ​परिजनों का आक्रोश प्रशासन के आश्वासनों पर भारी पड़ रहा है। पीड़ित परिवार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक तीन शर्तें पूरी नहीं होतीं, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उधर, पीड़िता के घर जा रहे सपा विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने रोक दिया।
 
परिजन और ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस मुख्य आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजे।लापता लड़की को सकुशल वापस लाया जाए। साथ ही आरोपियों के अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर चलना चाहिए। ​घटनास्थल पर जिलाधिकारी डॉ वीके सिंह, डीआईजी डॉ विपिन टाडा समेत जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद हैं। पिछले कई घंटों से अधिकारियों और परिजनों के बीच बातचीत का दौर चल रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। अधिकारी परिवार को समझाने और कानून का पालन करने की अपील कर रहे हैं, जबकि ग्रामीण और परिजन 'न्याय नहीं तो अंतिम संस्कार नहीं' के नारे पर अड़े हैं।

गांव में भारी सुरक्षा बल तैनात
​किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कपसाढ़ गांव में कई थानों की फोर्स और पीएसी तैनात कर दी गई है। गांव की गलियों में सन्नाटा है और पुलिस लगातार गश्त कर रही है। इलाके में व्याप्त तनाव को देखते हुए खुफिया विभाग भी सक्रिय है। ​प्रशासन कोशिश कर रहा है कि परिजनों को मनाकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई जा सके, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

विधायक अतुल प्रधान को कपसाड जाने से रोका, पुलिस से धक्कामुक्की
विधायक अतुल प्रधान को पुलिस फोर्स ने कपसाड गांव जाने से रोक दिया। सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान अपने समर्थकों के साथ कपसाड में दलित महिला की हत्या और बेटी के अपहरण के मामले में अंतिम संस्कार में शामिल होने गांव जा रहे थे।गंगनर पटरी के विधायक अतुल प्रधान और समर्थकों को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर ब्लॉक कर दिया। इस दौरान पुलिस के साथ विधायक और उनके समर्थकों के धक्कामुक्की हुई। हालांकि फोर्स ने विधायक को आगे नहीं बढ़ने दिया। काफी विवाद और कहासुनी के बाद विधायक मौके पर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान काफी हंगामा हुआ।

मां की फरसे से हत्या कर बेटी का कर लिया था अपहरण
दरअसल, गुरुवार सुबह आठ बजे सुनीता, अपनी 21 साल की बेटी रूबी के साथ गन्ना छीलने खेत पर जा रही थीं। गांव के बाहर रजवाहा पुल पर गांव का रहने वाला पारस सोम ने अपने साथी सुनील और दो अन्य के साथ मिलकर मां-बेटी पर हमला कर रूबी का अपहरण कर लिया। रूबी की मां आरोपियों से भिड़ गई तो उनके सिर पर फरसा से वार कर दिया और आरोपी फरार हो गए। घायल महिला को लोगों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां दोपहर में उनकी मौत हो गई। उधर, वारदात के बाद गांव में तनाव फैल गया। मृतका के बेटे नरसी की ओर से पारस सोम और सुनील को नामजद करते हुए कुछ अज्ञात पर मां की हत्या और बहन के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया है।

 

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