भारत से हार के बाद पाकिस्तान के विमानों की बढ़ी बिक्री, IMF से भी अकड़ा कंगाल पड़ोसी

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इस्लामाबाद

एयरलाइन बेचने, पेट्रोल की कीमतें बढ़ाने पर मजबूर हुआ पाकिस्तान अब कह रहा है कि उसे IMF के लोन की शायद आगे जरूरत न पड़े। इसके लिए पड़ोसी भारत के साथ युद्ध का हवाला दे रहा है। उसका कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद उसके फाइटर जेट की डिमांड बढ़ गई है। खबरें हैं कि बांग्लादेश समेत कुछ देशों ने लड़ाकू विमान खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री आसिफ ख्वाजा कहना है कि भारत के साथ संघर्ष के बाद पाकिस्तान के रक्षा उपकरणों की मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा कि इससे होने वाली कमाई के बाद पाकिस्तान की IMF पर निर्भरता खत्म हो सकती है। खास बात है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को भारत की कार्रवाई में भारी नुकसान उठाना पड़ा था।

आसिफ का कहना है, 'हमारे एयरकार्फ्ट्स टेस्ट हो चुके हैं और हमें इतने ऑर्डर मिल रहे हैं कि हमें 6 महीनों में IMF की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।' उन्होंने कहा, 'मैं आपको यह पूरे भरोसे से कह रहा हूं।' उन्होंने कहा, 'अगर 6 महीनों के बाद ये ऑर्डर पूरे हो गए, तो हमें IMF की जरूरत नहीं।'

हालांकि, जानकार पाकिस्तान के इन दावों को खारिज करते नजर आ रहे हैं।

यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब हाल ही में पाकिस्तान और बांग्लादेश ने एक बड़ी बैठक की थी। इस्लामाबाद में बांग्लादेश वायुसेना के एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान और पाकिस्तान वायुसेना के एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू ने मीटिंग की थी। खबर है कि इस दौरान JF-17 Thunder एयरक्राफ्ट की संभावित बिक्री पर चर्चा हुई थी।
ये देश दिखा रहे पाकिस्तान विमान खरीदने में दिलचस्पी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, JF-17 और J-10 जैसे लड़ाकू विमान खरीदने में कुछ देश दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इनमें अजरबैजान, लिबिया और बांग्लादेश का नाम शामिल है। बांग्लादेश ने पाकिस्तान से जेएफ-17 थंडर लड़ाकू विमान खरीदने में रुचि दिखाई है। पाकिस्तानी सेना ने बुधवार को यह दावा किया। जेएफ-17 लड़ाकू विमान एक बहु-भूमिका वाला विमान है और इसे चीन तथा पाकिस्तान ने संयुक्त रूप से विकसित किया है।

पाकिस्तान का दावा है कि इस लड़ाकू विमान ने मई 2025 में भारत के साथ चार-दिवसीय सैन्य संघर्ष के दौरान अपनी युद्ध क्षमताओं को साबित कर दिया है।

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