वेदांता चेयरमैन के बेटे का 49 वर्ष की उम्र में निधन, अनिल अग्रवाल बोले- ‘मेरे जीवन का सबसे काला दिन’

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नई दिल्ली

ग्रुप के चेयरमैन और उद्योगपति अनिल अग्रवाल के बड़े बेटे अग्निवेश अग्रवाल का बुधवार को न्यूयॉर्क में निधन( Vedanta Chairman Anil Agarwal's Son Agnivesh Agarwal Passes Away) हो गया। वे 49 वर्ष के थे। इस दुखद खबर की जानकारी स्वयं अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की और इसे अपने जीवन का 'सबसे काला दिन' बताया।

अनिल अग्रवाल के अनुसार, अग्निवेश अमेरिका में स्कीइंग के दौरान एक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था और उनकी हालत में सुधार हो रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि वे जल्द स्वस्थ हो जाएंगे, लेकिन अचानक आए कार्डियक अरेस्ट ने उनकी जान ले ली।

अपने भावुक संदेश में अनिल अग्रवाल ने लिखा कि अग्निवेश स्वस्थ थे, जीवन और सपनों से भरपूर थे और इतनी जल्दी चले जाना परिवार के लिए असहनीय है। उन्होंने कहा कि परिवार को लग रहा था कि सबसे कठिन समय बीत चुका है, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

अग्निवेश अग्रवाल का ऐसा रहा करियर 
Anil Agarwal के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का निधन हो गया है. उनका जन्म 3 जून, 1976 को बिहार के पटना में हुआ था. उन्होंने अजमेर के मेयो कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की थी और उसके बाद Vedanta Group में एंट्री लेकर इसकी कई कंपनियों में बड़ी भूमिका निभाई थी. जहां अग्निवेश अग्रवाल ने हिंदुस्तान जिंक के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में काम किया था, तो 2019 में अपना पद छोड़ने के बाद वे वेदांता से जुड़ी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल हुए थे और कंपनी को आगे बढ़ाने में अहम रोल निभाया था. 

Agnivesh Agarwal ने ट्विन स्टार इंटरनेशनल लिमिटेड, स्टेरलाइट डिस्प्ले टेक समेत ग्रुप की अन्य सब्सिडियरीज में डायरेक्टर के पद संभाले थे. वहीं उन्होंने एक कंपनी Fujeirah Gold FZC की स्थापना भी की थी, जो UAE बेस्ड मेटल रिफाइनिंग कंपनी है. उनके निधन के बाद पिता अनिल अग्रवाल ने भी एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट (Anil Agarwal Post) में इसका जिक्र करते हुए कहा कि,'अग्निवेश बहुत कुछ थे, उन्होंने सबसे अच्छी कंपनियों में से एक फुजैरा गोल्ड शुरू की, हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन बने, और अपने साथ काम करने वालों और दोस्तों का सम्मान पाया.' वेदांता चेयरमैन ने लिखा कि मेरे लिए, वह सिर्फ मेरा बेटा नहीं था, वह मेरा दोस्त था, मेरा गर्व, मेरी दुनिया था.

पत्नी का बंगाल की सबसे अमीर फैमिली से ताल्लुक 
अग्निवेश अग्रवाल की शादी पूजा बांगुर साथ हुई थी, जो पश्चिम बंगाल के सबसे अमीर कारोबारी घराने से ताल्लुक रखती हैं. वह श्री सीमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर हरि मोहन बांगुर की बेटी हैं. उनके दादा बेनु गोपाल बांगुर (Benu Gopal Bangur) देश के सबसे अमीर लोगों में शामिल हैं. उनकी नेटवर्थ की बात करें तो ये 6.7 अरब डॉलर (55000 करोड़ रुपये से ज्यादा) है. वे 1992 से 2002 तक Shree Cement के चेयरमैन रहे थे.

पिता देश के सबसे अमीरों में शामिल
बात करें, अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल के दिवंगत बेटे अग्निवेश अग्रवाल की नेटवर्थ (Agnivesh Agarwal Networth) के बारे में, तो इसका कोई सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, वहीं पिता Anil Agarwal Networth देखें, तो ये 3.3 अरब डॉलर है. उनकी कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 2.36 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है. 

अग्निवेश अग्रवाल का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। उन्होंने अजमेर के मेयो कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की। वे एक सफल उद्योगपति थे और फुजैराह गोल्ड कंपनी की स्थापना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके साथ ही वे हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन भी रहे।

अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे को एक उत्कृष्ट खिलाड़ी, संगीतकार और प्रभावी नेतृत्वकर्ता बताया, जो अपनी सादगी, गर्मजोशी और दयालु स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कहा कि अग्निवेश आत्मनिर्भर भारत की सोच में गहरा विश्वास रखते थे और देश की क्षमताओं पर पूरा भरोसा करते थे।

अपने पोस्ट में अनिल अग्रवाल ने समाज सेवा के उन सपनों का भी उल्लेख किया, जो उन्होंने अपने बेटे के साथ मिलकर देखे थे। इनमें बच्चों की भूख मिटाना, शिक्षा को बढ़ावा देना और महिलाओं का सशक्तिकरण शामिल था। उन्होंने दोहराया कि वे अपनी आय का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा समाज को लौटाने के संकल्प पर पहले की तरह दृढ़ रहेंगे और और भी सादा जीवन अपनाएंगे।

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