कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का निधन, पुणे में होगा अंतिम संस्कार

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 नई दिल्ली
कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री और सीनियर नेता सुरेश कलमाड़ी का मंगलवार सुबह 81 साल की उम्र में निधन हो गया. वे कई दिनों से बीमार चल रहे थे. पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, उनका अंतिम संस्कार पुणे के वैकुंठ धाम श्मशान घाट में दोपहर 3 बजे किया जाएगा.

बता दें कि कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले में नाम आने के बाद कलमाड़ी ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. इस विवाद ने उस वक्त पूरे देश में बहस और राजनीतिक उथल-पुथल मचा दी थी.

सुरेश कलमाड़ी के परिवार में उनकी पत्नी, उनका बेटा और बहू, दो शादीशुदा बेटियां और दामाद, और उनके पोते-पोतियां हैं.

सुरेश कलमाड़ी कौन थे?

सीनियर कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी कांग्रेस के उन बड़े नेताओं में शामिल थे, जिनका आलाकमान के साथ अच्छा संबंध माना जाता था. वे रेल राज्य मंत्री रह चुके हैं और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) के अध्यक्ष भी थे.

पुणे के एक लोकप्रिय राजनीतिक नेता, कलमाडी कई बार शहर से लोकसभा के लिए चुने गए थे. कई साल तक, उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कई भूमिकाएं निभाईं और लंबे समय तक राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रशासन से जुड़े रहे.

हालांकि, 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स भ्रष्टाचार मामले को लेकर IOA में उनके कार्यकाल पर सवाल उठे और उन पर फंड के कथित दुरुपयोग के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए. उन्हें अप्रैल 2011 में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया था.

कॉमनवेल्थ घोटाले से छवि को लगा झटका 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का मंगलवार को महाराष्ट्र के पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में 81 साल की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. सुबह 3:30 बजे उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा. सूत्रों के अनुसार, वैकुंठ श्मशान भूमि में उनका अंतिम संस्कार दोपहर दो बजे के क़रीब किया जाएगा.

सुरेश कलमाड़ी का जन्म 1 मई 1944 को पुणे में हुआ था. उन्होंने 1960 के दशक की शुरुआत में नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) में एंट्री ली और भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में सेवा दी. 

1964 से 1972 तक उन्होंने भारत की सेवा की, जिसमें 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध भी उनकी भागीदारी रही. 1974 में वायु सेना से समय से पहले सेवानिवृत्त होकर उन्होंने राजनैतिक सफर शुरू किया. स्क्वाड्रन लीडर के रैंक के पद पर रहते हुए उन्होंने सेवानिवृत्त ली थी. 

 

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