मोदी-ट्रंप फोन कॉल: बढ़ेगी रणनीतिक दोस्ती, जानिए ‘17 टू 17’ बातचीत के मायने

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नई दिल्ली

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज जन्मदिन है. पीएम मोदी आज यानी 17 सितंबर 2025 को 75 साल के हो गए. पीएम मोदी का बर्थडे भारत और अमेरिका की दोस्ती के लिए एक अवसर लेकर आया है. पीएम मोदी के बर्थडे के कारण भारत-अमेरिका के रिश्तों में पिछले कुछ महीने से जमी बर्फ पिघल गई. जी हां, जिसका सबको इंतजार था, वो घड़ी आ गई. पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच आखिरकार बातचीत हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन की पूर्व संध्या पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें फोन करके बधाई दी.

दरअसल, पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच यह फोन कॉल वाली बातचीत अहम है. कारण कि यह कॉल जून महीने के बाद पहली बार हुई है. इससे पहले 17 जून को दोनों नेताओं ने बातचीत की थी. वह बातचीत काफी तनाव भरा था. कारण था टैरिफ. टैरिफ के कारण मोदी और ट्रंप के बीच 17 जून के बाद कभी बातचीत नहीं हुई. पूरी दुनिया को इंतजार था कि अब बातचीत का अगला मौका कब आएगा. मगर 17 जून की बातचीत के बाद 17 सितंबर वह अवसर है, जब ट्रंप ने मोदी को फोन घुमाया.

डोनाल्ड ट्रंप और मोदी के बीच बातचीत

डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे एक शानदार काम कर रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, ‘अभी-अभी अपने मित्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फ़ोन पर बहुत अच्छी बातचीत हुई. मैंने उन्हें जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं दीं. वे बहुत अच्छा काम कर रहे हैं. ‘नरेंद्र: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त करने में आपके समर्थन के लिए धन्यवाद.’ उन्होंने अपने संदेश ने नीचे राष्ट्रपति डीजेटी लिखा. पीएम मोदी ने भी इस फोन पर जवाब में ट्रंप को धन्यवाद दिया और अपना दोस्त बताया.

दोस्ती को मिला नया पंख

इस कॉल ने भारत-अमेरिका संबंधों को नई गति देने के संकेत दिए हैं, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक चुनौतियां बढ़ रही हैं. यह बातचीत जून के बाद पहली है. पिछली बातचीत 17 जून को हुई थी. अबकी बातचीत 17 सितंबर यानी पीएम मोदी के बर्थडे पर हुई है. अब जब बातचीत का रुका हुआ सिलसिला बर्थडे के बहाने शुरू हुआ है, तो इससे उम्मीद की जानी चाहिए कि भारत और अमेरिका की दोस्ती वाली गाड़ी अब रफ्तार पकड़ेगी. मोदी और ट्रंप के बीच यह कॉल न केवल व्यक्तिगत संबंधों को दर्शाती है, बल्कि भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है. वैसे भी टैरिफ विवाद के बाद सबको इसी पल का इंतजार था.

बात तो हुई पर मुलाकात कब?

दरअसल, भारत-अमेरिका संबंधों का इतिहास मजबूत रहा है. डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में ‘हाउडी मोदी’ और ‘नमस्ते ट्रंप’ जैसे कार्यक्रमों ने दोनों देशों की दोस्ती को नई ऊंचाई दी थी. मगर दूसरे कार्यकाल में टैरिफ ने रिश्तों की लंका लगा दी. हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप को अब अपनी गलती का एहसास है. उन्हें समझ आ गया कि टैरिफ के कारण उनका दोस्त भारत अमेरिका से दूर जा रहा है. यही वजह है कि अब डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने तेवर नरम किए हैं. इसलिए ऐसा लग रहा है कि इस कॉल से भारत-अमेरिका के बीच अब सब कुछ ठीक हो जाएगा. अब जब दोनों नेताओं में फोन पर बातचीत तो हो गई, अब देखने वाली बात है कि मुलाकात कब होती है.

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